
रमा एकादशी व्रत कथा – Rama ekadashi vrat katha
रमा एकादशी व्रत कथा – Rama ekadashi vrat katha : इसमें महाराज मुचुकुन्द की पुत्री चंद्रभागा और उसके पति शोभन की कथा है। शोभन अतिदुर्बल था जो एक बार ससुराल गया जहां मनुष्यों की बात तो दूर पशुओं को भी एकादशी के दिन भोजन नहीं दिया जाता था। दुर्बल शोभन एकादशी करते हुये दिवंगत हो गया और एकादशी व्रत के प्रभाव से उसे दिव्यलोक की प्राप्ति हुई जो अस्थिर था। पुनः चंद्रभागा ने जब जाना तो अपने व्रत के प्रभाव से उस अस्थिर पुर को स्थिर कर दिया।