योगिनी एकादशी व्रत कथा - Yogini ekadashi vrat katha

योगिनी एकादशी व्रत कथा – Yogini ekadashi vrat katha

योगिनी एकादशी व्रत कथा – Yogini ekadashi vrat katha : योगिनी एकादशी की कथा में हेममाली नामक यक्ष की कथा है जो कुबेर का माली था। एक दिन कुबेर भगवान शिव की पूजा कर रहा था किन्तु यह पुष्प लेकर उपास्थित न हुआ जिसके कारण कुबेर ने इसे कुष्ठ और पत्नी वियोग का श्राप दे दिया। कालक्रम से योगिनी एकादशी व्रत के प्रभाव से हेममाली शापमुक्त होता है।

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जयंती एकादशी व्रत कथा - Jayanti ekadashi vrat katha in hindi

जयंती एकादशी व्रत कथा – Jayanti ekadashi vrat katha in hindi

जयंती एकादशी व्रत कथा – Jayanti ekadashi vrat katha in hindi : कथा के अनुसार राजा बलि से वामन भगवान ने इसी दिन तीन पग भूमि में सब-कुछ लेकर उसे पाताल लोक भेजकर सदा उसके पास रहने का वचन दिया था। भगवान विष्णु एक रूप से क्षीरसागर में और दूसरे रूप से पाताल में राजा बलि के यहां भी निवास करते हैं।

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पद्मिनी एकादशी व्रत कथा - Padmini ekadashi vrat katha

पद्मिनी एकादशी व्रत कथा – Padmini ekadashi vrat katha

पद्मिनी एकादशी व्रत कथा – Padmini ekadashi vrat katha : अधिकमास में प्रथम पक्ष शुक्ल होता है और द्वितीय पक्ष कृष्ण होता है। अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम पद्मिनी एकादशी है। पद्मिनी एकादशी की व्रत कथा में मुख्य रूप से एकादशी व्रत का माहात्म्य तो बताया ही गया है साथ ही एकादशी व्रत की विधि भी बताई गयी है। इस कथा में कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के जन्म की भी कथा है।

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पौषकृष्ण सफला एकादशी कथा - Safala ekadashi

सफला एकादशी व्रत कथा – Safala ekadashi vrat katha

सफला एकादशी व्रत कथा – Safala ekadashi vrat katha : पौष कृष्णपक्ष की एकादशी का नाम ‘सफला एकादशी’ है। इस दिन नारायण का पूजन करनी चाहिए और अच्छे ऋतु-फलों से भगवान का पूजन करना चाहिए; स्वच्छ नारियल, बिजौरे, जम्बीरी, अनार, सुपारी आदि से विधिपूर्वक पूजन करें। व्रत वाले दिन दीपदान करने और जागरण करने का भी विशेष महत्व है।

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